यह किस्सा हिमाचल के एक बोर्डिंग स्कूल का है, जिसे हर्षित ने भेजा है। वहां उनके साथ मिनाल नाम का एक लड़का पढ़ता था, जिसे अक्सर डरावनी कहानियां सुनाने का शौक था। मिनाल अक्सर स्कूल से लंबी छुट्टियां लेता था और कहा जाता था कि उसके साथ कुछ ‘ऊपरी’ चक्कर है।
सभी दोस्तों ने फैसला किया ( All the friends made a decision )
एक बार हर्षित और उसके दोस्तों ने मिनाल को चुनौती दी कि वे इन शक्तियों को महसूस करना चाहते हैं। मिनाल ने उन्हें एक प्रोसीजर बताया जिसमें ‘ककूरी सेन’ (जापानी अर्बन लेजेंड) और ‘चार्ली-चार्ली’ नाम की एंटिटी को बुलाना था।
- पहली रात: हर्षित और उसके दोस्तों ने ‘विजी बोर्ड’ (Ouija Board) और सिक्कों के साथ रिचुअल शुरू किया। शुरू में कुछ नहीं हुआ, जिससे हर्षित को लगा कि यह सब बकवास है।
- दूसरी रात: जब उन्होंने दोबारा कोशिश की, तो अचानक सिक्का और पेंसिल अपने आप ‘Yes’ की तरफ घूमने लगे। हर्षित को फिर भी लगा कि उसके दोस्त मजाक कर रहे हैं और फूंक मार रहे हैं।
हॉस्टल में दहशत ( Panic in the Hostel ) ओए-ओए की आवाज
अगली रात, हॉस्टल के कुछ लड़कों ने शराब पीकर इस रिचुअल को मजाक में लिया और गालियां देनी शुरू कर दीं। इसके बाद जो हुआ उसने सबको डरा दिया:
- रात के 3:30 बजे, जिस लड़के ने शराब पी थी, वह अचानक उठा और चिल्लाने लगा— “ओए! ओए! छोड़! ओए!” जैसे उसे किसी ने पकड़ लिया हो। वह थोड़ी देर में बेहोश हो गया।
- कुछ देर बाद, वह लड़का और उसके साथ सोया हुआ दूसरा लड़का, दोनों एक साथ उठे और एक-दूसरे का कॉलर पकड़कर पागलों की तरह ‘ओए-ओए’ चिल्लाने लगे।
- पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। वॉर्डन आए और स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन लड़के बुरी तरह डरे हुए थे।
अजीब घटनाएं और खुलासे ( Strange Incidents and Revelations )
- निशान(Mark): अगले दिन हर्षित ने देखा कि उस लड़के के शरीर पर बिल्ली के नोचने जैसे गहरे निशान थे
- ब्लास्ट(Blast): हॉस्टल में अचानक लाइट फ्लिकर हुई और बाथरूम का एग्जॉस्ट फैन जोर के धमाके के साथ फट गया।
- मिनाल का आना(Minal’s Arrival): जब मिनाल वापस आया, तो उसने बिना बताए ही उस जगह की ओर इशारा किया जहां ‘ओए-ओए’ वाली घटना हुई थी, जिससे सब दंग रह गए।
असली वजह (Real Reason)
अंत में यह पता चला कि यह सब ‘चार्ली’ या ‘ककूरी सेन’ की वजह से नहीं था। असल में, वह दूसरा लड़का (जिसने शराब नहीं पी थी) पहले से ही पजेस्ड (Possessed) था। वह पिछले 10 सालों से इस समस्या का इलाज करवा रहा था। रिचुअल के दौरान सक्रिय हुई ऊर्जा ने उस स्थिति को और बिगाड़ दिया था। बाद में हॉस्टल में हवन और पूजा-पाठ करवाया गया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए।